Tuesday, 26 May 2026

MRP water bottle loot

पानी सरकार से एक हजार लीटर को ४ रुपए में लेकर ग्राहक को एक लीटर २० रुपए में क्यों बेचते है?
एम आर पी की वजह से रोज ३०० करोड़ रुपए पानी पर लुटा रहे है।
क्या आपको पता है पीने के पानी की बोतल की असली कीमत?
आप रोज २० रुपए लीटर एम आर पी छापी हुई पानी की बोतल पीते हो। पानी की बोतल लेते वक्त वह कम कीमत पर मिले इस लिए भाव भी नहीं करते हो।

पूरे भारत वर्ष में हर रोज १५ करोड़ पानी की बोतल की बिक्री होती है और २० रुपए प्रति एक लीटर बोतल का भाव पकड़े तो ३०० करोड़ रुपए की पानी की बोतल ग्राहक वर्ग हर रोज लेते है। 
यानी पूरे एक साल में ग्राहक १०९५०० रुपए सिर्फ पानी की बोतल पर खर्च करते है।

अब मजे की बात देखिए। महाराष्ट्र वाटर रिसोर्स रेगुलेटरी ऑथोरिटी ने २०२६-२७ को पानी की दर निश्चित करने हेतु प्रस्ताव दिया है उसमें पानी का प्रति लीटर भाव क्या है आपको पता है?

प्रति लीटर =  ०.००४ रुपए बड़े म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में कमर्शियल इस्तेमाल करने हेतु । अगर ग्रामीण में बोतल की इंडस्ट्री लगाई तो प्रति लीटर = ०.००२ रु.
और बहुत सारे बोतल इंडस्ट्री ग्रामीण में ही होते है। उसके अलावा कितने तो बोतल फैक्ट्री नदी से, बोरिंग से या वेल से पानी लेती है उसका दर और सस्ता पड़ता है। 

अब आप जो पानी की बोतल लेते हो उस पर क्या लिखा होता है मिनरल वाटर नहीं पैकेज ड्रिंकिंग वाटर यानी आप घर में जो नल द्वारा पानी आता है वहीं पानी सिर्फ बोतल में पैक किया हुआ बेचते है।

तो अब बोतल इंडस्ट्री से जो पता चला हैं उसकी हिसाब से हर एक लीटर बोतल की लागत मूल्य ज्यादा से ज्यादा रुपए ४.२२ इतनी होती है।  इसमें पानी, बोतल और कैप तैयार करने की कीमत, पैकिंग, जो लोन लिया है उसका ब्याज, बोतल पर चिपकाया गया कंपनी का लेबल और अन्य खर्चे भी शामिल है।
अब अगर लागत मूल्य सिर्फ रुपए ४.२२ है तो एम आर पी २० रुपए क्यों?

कुछ मिनरल पानी की बोतल पर तो एम आर पी ३०० रुपए भी छापी जाती है। 

प्लास्टिक की पानी की बोतल पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। पीने का पानी सभी को मुफ्त देना सरकार का काम है मगर इस बोतल इंडस्ट्री की वजह से ग्राहक याने आम जनता के रोज ३०० करोड़ रुपए खर्च हो रहे है।

आप सोचिए एक लीटर पानी के लिए सिर्फ ०.००४ मूल्य है यानी एक हजार लीटर के लिए सिर्फ रुपए ४ लगते है तो ग्राहक एम आर पी की लुट की वजह से एक लीटर को २० रुपया क्यों देगा।

हमारी सरकार से मांग है कि एम आर पी कानून रद्द करे और ग्राहक को लुट से बचाए जाय। 

विजय सागर,
केंद्रीय प्रचार प्रसार आयाम,
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत 
६३४ सदाशिव पेठ पुणे ४११०३०
9422502315

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